॥ श्री हरि शरणागतम् ॥

✨ श्री हरिबाबा जी की आरती ✨

श्री हरि बाबा जी

आरती श्री हरिबाबा की कीजे ! 🌸 तन मन धन न्योछावर कीजे !!
कोटि चंद्र रवि की छवि न्यारी ! 🌸 मन मुस्कान मधुर अति प्यारी !!
अपना सर्वस्व इनको दीजे ! 🌸 गले फूलो का हार बिराजे !!
कुमकुम चन्दन भाल बिराजे ! 🌸 हरि बोल अमृत रस पीजे !!
तीरथ खादर बीच बनाया ! 🌸 प्रेम सहित हरी बोल सुनाया !!
बाँध धाम हरि दर्शन कीजे ! 🌸 प्रेम से मिली हरि कीर्तन गावो !!
कंचन थार कपूर सजायो ! 🌸 फूल गुलाब जो हरि को चढ़ावे !!
‘द्रौपदी’ जन्म सुफल करि लीजे !!

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

✨ ॥ इति श्री हरिबाबा आरती समाप्त ॥ ✨