इस से बड़ा चमत्कार और क्या है ? पूज्य श्री श्री उड़िया बाबा जी महराज से जब प्रसिद्ध आध्यात्मिक लेखक पॉल ब्रन्टन ने उनसे कोई सिद्धि दिखाने की बात कही, तब बाबा ने बहुत सुंदर उत्तर दिया — “जल की एक बूँद शरीर बन गई, चलती है, सोचती है और बोलती है — इससे बड़ा….
लोग अक्सर पूछते हैं, “भगवान कैसे मिलेंगे?” पर यदि मन के भीतर झाँककर देखा जाए, तो प्रश्न कुछ और ही दिखाई देता है। क्या सचमुच हमें भगवान चाहिए? यदि आज भगवान स्वयं हमारे सामने प्रकट होकर पूछ लें—”बताओ, क्या चाहते हो?”—तो कितने लोग कहेंगे, “मुझे केवल आपकी भक्ति और आपका सान्निध्य चाहिए।” अधिकांश लोग तो….
दृश्य में प्रीति न रखना असली बैराग्य है
