विश्वास रखना चाहिय……..

निरन्तर दृढ़ विश्वास रखना चाहिय कि भगवान मेरे है और मै भगवान का हूँ । वे सदा ही मेरे हैं और अत्यन्त प्रिय हैं । उनके समान दूसरा प्यारा और प्यार करने वाला नहीं है।

मन के हारे हार , मन के जीते जीत

जिंदगी में हार तब नहीं होती जब आप हारते है, हार तो तब होती है जब आप हार मान लेते है । मन के हारे हार , मन के जीते जीत [sliderpro id=”1″]

भक्ति की आँच धीमी ना पड़े……

भक्ति आग की तरह है सुमिरन घी की तरह यदी तुम चाहते हो की .भक्ति की आँच धीमी ना पड़े तो सांस सांस मे सुमिरन का घी डालते रहो |

ईश्वर और सतगुरू पर यकीन रखते है

ईश्वर और सतगुरू पर यकीन रखते है,उनका बाल भी बाका नही होता है, एक राजा बहुत दिनो से पुत्र की प्राप्ती के लिये आशा लगाये बैठा था,पर पुत्र नही हुआ ।उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग की बात बताई ।सुझाव मिला कि किसी बच्चे की बलि दे दी जाये तो पुत्र प्राप्ती हो जायेगी ।….

(((((  शब्द ही ब्रह्म हैं  )))))

(((((  शब्द ही ब्रह्म हैं  ))))) एक बार स्वामी विवेकानंद एक सत्संग में भगवान् के नाम का महत्त्व बता रहे थे | तभी एक व्यक्ति ने कहा “शब्दों में क्या रखा है, उन्हें रटने से क्या लाभ ?”  स्वामी विवेकानंद ने उनकी बात सुनी और उन्हें अचानक में मुर्ख, गधे जैसे अपशब्द कहने लगे, इस….

sava prathana

“सेवा और प्रार्थना” जिस प्रकार    आकाश से गिरा हुआ जल             किसी न किसी रास्ते से       होकर समुद्र में पहुँच ही जाता है          उसी प्रकार निःस्वार्थ भाव से की गई         “सेवा और प्रार्थना”          किसी न किसी रास्ते से         ईश्वर तक पहुँच ही जाती है

सेवा और प्रार्थना

जिस प्रकार    आकाश से गिरा हुआ जल             किसी न किसी रास्ते से       होकर समुद्र में पहुँच ही जाता है उसी प्रकार निःस्वार्थ भाव से की गई         “सेवा और प्रार्थना”          किसी न किसी रास्ते से         ईश्वर तक पहुँच ही जाती है