श्री हरि, श्री हरिबाबा जी के वचनामृतविश्वास रखना चाहिय……..निरन्तर दृढ़ विश्वास रखना चाहियकि भगवान मेरे है और मै भगवान का हूँ ।वे सदा ही मेरे हैं और अत्यन्त प्रिय हैं ।उनके समान दूसरा प्यारा और प्यार करने वाला नहीं है।