पूज्यपाद श्रोहरि बाबा की दिनचर्या

पूज्यपाद श्रोहरि बाबा की दिनचर्या (ब्रह्मचारी श्रीहरेकृष्ण) प्रादः ब्रह्ममुहुत्र्त दो बजकर पन्द्रह मिनट घड़ी एलार्म। दातुन आदि से निवृत्त हो, कुछ नियत पुस्तकों का पाठ। जिसमें दिन (वार) महिमा, गीता, विश्णुसहस्त्र नाम, सुखमनी साहिब आदिषामिल थीं। तत्पष्चात् मालिष व स्नान करके प्रातःकालिन सामूहिक कीत्र्तन में जो निम्न प्रकार से लगभग एक घण्टे चलता था। प्रातःकालीन….

संत हृदय नवनीत समाना page.9

८-उपरति की ओर* किंतु आश्रम की इस धूमधाम से हमारे चरित नायक का चित्त ऊब गया | आपको तो अब किसी का शब्द भी नहीं सुहाता था फिर आप का आविर्भाव भी तो एक आश्रम की संकुचित सीमा में रहने के लिए नहीं हुआ था | अतः आप का विशाल हृदय अब विश्व कल्याण की….

हरिनाम वितरण page.15

हरिनाम वितरण गवां में आने पर आपकी भगवत्प्रेम लीलाएं उत्तरोत्तर बढ़ने लगीं| उन लीलाओं के द्वारा सहज ही में श्री भगवन नाम का प्रचार भी होने लगा इसके लिए आपको कोई अलग प्रयास नहीं करना पड़ा सहज आवस्था में विचरने वाले महापुरुषों के द्वारा जीवोध्दार का कार्य भी स्वभाविक ही होता है इसके लिए उन्हें….

बाबू हीरालाल जी

हमारे चरित नायक पूज्यपाद स्त्री श्री 108 श्री हरि बाबा जी महाराज से बाबू हीरालाल जी तथा इनके परिवार का बहुत संपर्क रहा है अतः यहां संक्षेप में बाबू हीरालाल जी का परिचय दे देना अप्रासंगिक नहीं होगा | जिला बदायूं (अब संभल ) मैं गंगा जी से दो 3 मील दूर गवां नाम का….

जब दूसरे साथ होते हैं तब भगवान का पता नहीं लगता: स्वामी अखंडानंद सरस्वती के अनमोल विचार

शिवपुरी आश्रम

श्रीहरिबाबा महाराज जी के प्राकट्योत्सव पर#श्रीहरिबाबा_आश्रम_राजा_की_शिवपुरी में महाराज जी पावन विग्रह के श्रीदर्शन।। हरिबोल

बांध धाम आश्रम

श्री हरिबाबा बांध धाम, गवां जिला संभल – उत्तरप्रदेश  Sambhal- Anupshahar Rd सम्भल- अनूपशहर रोड, Medpur Danda, Uttar Pradesh 243727 देश भर में श्री हरिबाबा महाराज के लाखों भक्त हैं मगर गंगा किनारे बसे खादर इलाके के लोगों की श्री हरिबाबा के प्रति आस्था देखते ही बनती है। हरिबाबा महाराज यहां के लोगों के दिलों….