श्री हरि, श्री हरिबाबा जी के वचनामृतमन के हारे हार , मन के जीते जीतजिंदगी में हार तब नहीं होती जब आप हारते है, हार तो तब होती है जब आप हार मान लेते है ।मन के हारे हार , मन के जीते जीत [sliderpro id=”1″]