श्रीकृष्ण की प्रसन्नता ही सच्ची भक्ति का आधार है
पूर्ण शरणागत भक्त अपने प्रत्येक कर्म को प्रभु की सेवा और प्रसन्नता के लिए करता है।
उसके लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि स्नान, भोजन, शयन और दैनिक जीवन का प्रत्येक कार्य भी भजन का ही एक अंग बन जाता है।
जब मन और कर्म दोनों प्रभु को समर्पित हो जाएँ, तब जीवन का हर क्षण भक्ति से जुड़ जाता है।
आज स्वयं से एक प्रश्न करें—क्या हमारे दैनिक कर्म भी श्रीकृष्ण की प्रसन्नता के लिए हैं?
जय श्री राधे श्याम
हरि नाम ही जीवन का सच्चा आधार है।
प्रेषक :-(चन्दन )
