श्रीकृष्ण की प्रसन्नता ही सच्ची भक्ति का आधार है पूर्ण शरणागत भक्त अपने प्रत्येक कर्म को प्रभु की सेवा और प्रसन्नता के लिए करता है। उसके लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि स्नान, भोजन, शयन और दैनिक जीवन का प्रत्येक कार्य भी भजन का ही एक अंग बन जाता है। जब मन और कर्म दोनों….
प्रतिदिन एक श्लोक का पाठ –अठारह पुराणोंके पाठका फल प्राप्त करता है भगवान् श्रीकृष्णने भागवतका माहात्म्य बताते हुए ब्रह्माजीसे कहा है- यः पठेत् प्रयतो नित्यं श्लोकं भागवतं सुत। अष्टादशपुराणानां फलमाप्नोति मानवः ॥ डीम फिक (स्कन्दपुराण, वैष्णवखण्ड, मार्गशीर्षमाहात्म्य १६ । ३३) पुत्र ! जो प्रतिदिन पवित्रचित्त होकर भागवतके एक श्लोकका पाठ करता है, वह मनुष्य अठारह….
