श्री हरि, श्री हरिबाबा जी के वचनामृतभक्ति की आँच धीमी ना पड़े…… Posted on July 6, 2026 by भक्ति आग की तरह है सुमिरन घी की तरह यदी तुम चाहते हो की .भक्ति की आँच धीमी ना पड़े तो सांस सांस मे सुमिरन का घी डालते रहो | Continue reading →