संत हृदय नवनीत समाना page.9

८-उपरति की ओर* किंतु आश्रम की इस धूमधाम से हमारे चरित नायक का चित्त ऊब गया | आपको तो अब किसी का शब्द भी नहीं सुहाता था फिर आप का आविर्भाव भी तो एक आश्रम की संकुचित सीमा में रहने के लिए नहीं हुआ था | अतः आप का विशाल हृदय अब विश्व कल्याण की….

हरिनाम वितरण page.15

हरिनाम वितरण गवां में आने पर आपकी भगवत्प्रेम लीलाएं उत्तरोत्तर बढ़ने लगीं| उन लीलाओं के द्वारा सहज ही में श्री भगवन नाम का प्रचार भी होने लगा इसके लिए आपको कोई अलग प्रयास नहीं करना पड़ा सहज आवस्था में विचरने वाले महापुरुषों के द्वारा जीवोध्दार का कार्य भी स्वभाविक ही होता है इसके लिए उन्हें….

पूज्यपाद श्रोहरि बाबा की दिनचर्या

पूज्यपाद श्रोहरि बाबा की दिनचर्या (ब्रह्मचारी श्रीहरेकृष्ण) प्रादः ब्रह्ममुहुत्र्त दो बजकर पन्द्रह मिनट घड़ी एलार्म। दातुन आदि से निवृत्त हो, कुछ नियत पुस्तकों का पाठ। जिसमें दिन (वार) महिमा, गीता, विश्णुसहस्त्र नाम, सुखमनी साहिब आदिषामिल थीं। तत्पष्चात् मालिष व स्नान करके प्रातःकालिन सामूहिक कीत्र्तन में जो निम्न प्रकार से लगभग एक घण्टे चलता था। प्रातःकालीन….