श्री चरणों में

16- श्री चरणों में (परम आदरणीय गुरुजी लालता प्रसाद कृत) यहां तक जो भी लिखा गया है वह सब सुना हुआ है अब आगे प्रायः देखी हुई बातें ही लिखी जाएंगे श्री चरणों में आकर इन आंखों ने जो कुछ देखा है वह सब व्यक्त करने की शक्ति तो इस लेखनी में है ही कहा….

सदा सुखी कौन है ?

सदा सुखी कौन है ? जिसको भगवान की कृपा पर भरोसा है और उनके न्याय पर विश्वास है, उसको संसार की कोई भी स्थिति विचलित नही कर सकती

विश्वास रखना चाहिय……..

निरन्तर दृढ़ विश्वास रखना चाहिय कि भगवान मेरे है और मै भगवान का हूँ । वे सदा ही मेरे हैं और अत्यन्त प्रिय हैं । उनके समान दूसरा प्यारा और प्यार करने वाला नहीं है।