श्री हरिबाबा मंदिर रामनगर – उत्तराखंड
भक्ति आग की तरह है सुमिरन घी की तरह यदी तुम चाहते हो की .भक्ति की आँच धीमी ना पड़े तो सांस सांस मे सुमिरन का घी डालते रहो |
ईश्वर और सतगुरू पर यकीन रखते है,उनका बाल भी बाका नही होता है, एक राजा बहुत दिनो से पुत्र की प्राप्ती के लिये आशा लगाये बैठा था,पर पुत्र नही हुआ ।उसके सलाहकारों ने तांत्रिकों से सहयोग की बात बताई ।सुझाव मिला कि किसी बच्चे की बलि दे दी जाये तो पुत्र प्राप्ती हो जायेगी ।….
((((( शब्द ही ब्रह्म हैं ))))) एक बार स्वामी विवेकानंद एक सत्संग में भगवान् के नाम का महत्त्व बता रहे थे | तभी एक व्यक्ति ने कहा “शब्दों में क्या रखा है, उन्हें रटने से क्या लाभ ?” स्वामी विवेकानंद ने उनकी बात सुनी और उन्हें अचानक में मुर्ख, गधे जैसे अपशब्द कहने लगे, इस….
“सेवा और प्रार्थना” जिस प्रकार आकाश से गिरा हुआ जल किसी न किसी रास्ते से होकर समुद्र में पहुँच ही जाता है उसी प्रकार निःस्वार्थ भाव से की गई “सेवा और प्रार्थना” किसी न किसी रास्ते से ईश्वर तक पहुँच ही जाती है
ईश्वर और सतगुरू पर यकीन रखते है, उनका बाल भी बाका नही होता है
16- श्री चरणों में (परम आदरणीय गुरुजी लालता प्रसाद कृत) यहां तक जो भी लिखा गया है वह सब सुना हुआ है अब आगे प्रायः देखी हुई बातें ही लिखी जाएंगे श्री चरणों में आकर इन आंखों ने जो कुछ देखा है वह सब व्यक्त करने की शक्ति तो इस लेखनी में है ही कहा….
सदा सुखी कौन है ? जिसको भगवान की कृपा पर भरोसा है और उनके न्याय पर विश्वास है, उसको संसार की कोई भी स्थिति विचलित नही कर सकती
