कथा व्यास:परम पूज्य आचार्य श्री दिनेश चन्द्र जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन)

shastri ji आचार्य श्री दिनेश चन्द्र जी महाराज (श्रीधाम वृंदावन)

।। श्री राधा कृष्णाय नमः ।। जन्माष्टमी के पावन पर्व के शुभ अवसर पर आप सभी श्रद्धालुओं को सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि श्रीधाम वृंदावन की पवित्र भूमि पर श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अलौकिक कथा में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। आइए, भगवान श्री….

भाईजी का आध्यात्मिक संक्रमण: ‘मौननानंद पर्वत’ की यात्रा और उनकी अंतिम समाधि

bhai ji

वह एक परम आनंदमयी (भावविभोर) अवस्था में थे। कुछ समय के लिए मेरे चरणों में रहने के बाद, उन्होंने अपना जनेऊ और सोने की चेन उतार दी और मंत्रों का उच्चारण करने लगे। उन्हें पवित्र जनेऊ और सोने की चेन पहने रहने की सलाह दी गई थी। इस दौरान, उन्होंने पवित्र झील मानसरोवर के तट….

श्रद्धांजलि: हमारे बाबू जी – हमारी आस्था, भक्ति और शक्ति का स्रोत@नन्दिनी

गिरीश बाबू मॉडवेल

मैं अपने बाबू जी के बारे मे क्या कहूँ वह इस जीवन के तप को श्री हरि चरणों में समर्पित कर हम दोनों बहन भाई (नन्दिनी व केशव) के लिए जीवानोद्धार के द्वार खोल गये उन का श्री महाराज जी के प्रति समर्पणे हम लोगों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहा। हम लोगों को बचपन….

मानसिक पूजा विधि: बिना किसी सामग्री के ऐसे करें ईश्वर का ध्यान..@Swati Saxena

मानसिक पूजा विधि: बिना किसी सामग्री के ऐसे करें ईश्वर का ध्यान

मानसिक पूजाकी विधि   ॐ पादयोः पाद्यं समर्पयामि नारायणाय नमः ॥ १ ॥   इस मन्त्रको बोलकर शुद्ध जलसे श्रीभगवान्‌के चरणकमलोंको धोकर उस जलको अपने मस्तकपर धारण करना ॥ १ ॥   ॐ हस्तयोरर्घ्यं समर्पयामि नारायणाय नमः ॥ २ ॥   इस मन्त्रको बोलकर श्रीहरिभगवान्‌के हस्तकमलोंपर पवित्र जल छोड़ना ॥ २ ॥   ॐ आचमनीयं….

Chandra Grahan 2026 Negative Impact: 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण, मेष समेत 8 राशिवालों पर अशुभ प्रभाव, मचेगी उथल-पुथल! जानें बचने के उपाय

Chandra Grahan

Chandra Grahan 2026 Negative Impact: इस साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा. उस दिन श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन है. ज्योतिषाचार्या स्वाति सक्सेना बताती हैं कि मेष समेत 8 राशियों पर चंद्र ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव होगा. इससे करियर और सेहत पर अशुभ प्रभाव होगा…..

परम पूज्य श्री हरेकृष्ण बाबा, नसिङ्ग होममें श्रीहरेकृष्ण पूज्य हरिबाबा जी महराज की सेवा में रहते थे…

नसिङ्ग होममें श्रीहरेकृष्ण पूज्य हरिबाबा जी महराज की सेवा में रहते थे। इनका जन्म पूर्व बंगालमें, जिसे अब ‘बंगला देश’ कहते हैं, हुआ था। बाल्यावस्थामें इन्होंने भावुक भक्तोंके मुखसे सुना था कि भगवान् श्रीवृन्दावनधाममें रहते हैं। अतः भगवद्दर्शनकी लालसासे ये थोड़ा-सा खर्चा लेकर वृन्दावन चले आए। यहाँ अपने एक सम्बन्धीके घर ठहर कर ये मन्दिरोंमें….

गोकर्णका आख्यान- धुंधकारी का उद्धार – क्रमसंख्या -2

भागवतका उद्देश्य एवं माहात्म्य क्रमसंख्या -2

महाराज जी (परम पूज्य उड़िया बाबा जी महाराज) और परमपूज्य श्रीहरिबाबा जी महाराज

shrihari baba ji udiya baba gi

“बाबा हृदय को पकड़ना जानते थे और उसे निभाना भी।” पीछे आपका संग पूज्यपाद श्रीहरिबाबाजी के साथ हो गया। यों कुछ परिचय तो पहले भी हो चुका था, परन्तु प्रधानतया इन दोनों महापुरुषोंका समागम बाँध बँधने के पीछे ही हुआ और फिर ऐसा हुआ कि दोनों मिलकर एक हो गये । जैसे निमाई और निताई….

पूज्य उड़ियाबाबा जी महराज के संकल्प मात्र से कार्य सिद्ध हो जाते थे..@haribababandhdham.com

श्री महराज जी (पूज्य उड़ियाबाबा जी महराज ) के संकल्प मात्र से कार्य सिद्ध होजाते थे संस्मरण – द्वारा श्रीमती ठकुरानी साहिब मेरे पति आनरेरी मजिस्ट्रेट थे। एक दिन श्रीमहाराजजी के समक्ष चर्चा चली कि यह एक राजकीय सम्मान है। आप बोले, यह सम्मान तो तुच्छ है, सम्मान तो उपाधि का ही माना जाता है।”….

क्या आपको सचमुच भगवान की चाहत है? एक बार खुद से पूछें यह सवाल

लोग अक्सर पूछते हैं, “भगवान कैसे मिलेंगे?” पर यदि मन के भीतर झाँककर देखा जाए, तो प्रश्न कुछ और ही दिखाई देता है। क्या सचमुच हमें भगवान चाहिए? यदि आज भगवान स्वयं हमारे सामने प्रकट होकर पूछ लें—”बताओ, क्या चाहते हो?”—तो कितने लोग कहेंगे, “मुझे केवल आपकी भक्ति और आपका सान्निध्य चाहिए।” अधिकांश लोग तो….