मैं अपने बाबू जी के बारे मे क्या कहूँ वह इस जीवन के तप को श्री हरि चरणों में समर्पित कर हम दोनों बहन भाई (नन्दिनी व केशव) के लिए जीवानोद्धार के द्वार खोल गये उन का श्री महाराज जी के प्रति समर्पणे हम लोगों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहा। हम लोगों को बचपन….

