मैं अपने बाबू जी के बारे मे क्या कहूँ वह इस जीवन के तप को श्री हरि चरणों में समर्पित कर हम दोनों बहन भाई (नन्दिनी व केशव) के लिए जीवानोद्धार के द्वार खोल गये उन का श्री महाराज जी के प्रति समर्पणे हम लोगों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहा। हम लोगों को बचपन….
श्रद्धांजलि ◆ ❖ ◆ — अनन्तश्री विभूषित पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्रीमच्छंकराचार्य स्वामी श्रीनिरञ्जनदेव तीर्थजी महाराज की पावन लेखनी से — यह पुनीत भारत-भूमि मन्त्र-दृष्टा ऋषियों, महान महर्षियों, ब्रह्मनिष्ठ तपःपूतात्माओंकी प्राकट्य स्थली है। यह इस पुण्य भूमिकी सदासे परम्परा रही है और रहेगी। श्रीहरिबाबा इसी परम्पराके एक आदर्श संत थे। उनका जीवन भक्तजनके लिए परम अनुकरणीय….
श्रद्धांजलि ◆ ❖ ◆ — अनन्तश्री विभूषित शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु श्रीमच्छंकराचार्य स्वामी श्रीस्वरूपानन्दजी महाराज, द्वारिका की पावन लेखनी से — स्मृति – कुसुमाञ्जलि नामसे श्रीहरिबाबाजी महाराजकी स्मारिका प्रकाशित की जा रही है- यह जानकर प्रसन्नता हुई । श्रीहरिबाबाने हरि-भक्ति और हरिनाम का उत्तर भारत में प्रचार कर के सनातन संस्कृति और भारतकी सेवा की है। उनके….
श्रद्धांजलि ◆ ❖ ◆ अनन्तश्री ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्रीमच्छंकराचार्य श्रीविष्णुदेवानन्द सरस्वती जी की पावन लेखनी से श्रीहरिबाबा जी महाराज पश्चिमोत्तर भारतकी महान विभू-तियोंमें से थे। नाम-संकीर्तनका वर्तमान समयमें आपने क्रियात्मक उपदेश किया । जिस समय भावावेश में स्वतः घण्टा-ध्वनि करते थे, उस समय उपस्थित व्यक्तियोंके हृदयमें नाम-ध्वनि की हिलोरें उठने लगती थीं। नामके ही बलसे कलिमल-हारिणी,….
श्रद्धांजलि ◆ ❖ ◆ — स्वामी श्रीअखण्डानन्दजी सरस्वती की पावन लेखनी से — मैंने अपने जीवन में जितने सत्पुरुषों के दर्शन किये हैं उन में श्रीहरिबाबाजी महाराज एक विलक्षण एवं अलौकिक महापुरुष थे। लोग उनको बाँध वाले बाबा या कीर्त्तन का प्रचार करने वाले बाबा के रूप में जानते हैं। परन्तु मैंने उन्हें असंगताकी मूत्तिके….

